माना मै कभी कभी परेशान हो जाती हुँ
मना कभी कभी घबरा भी जाती हूँ
पर सच कहूं मुझे अच्छी लगती है यें जिम्मेदारियां
लेकिन क्यूं
जब कोई कुछ गलत करे तो उसे सुधरने का हक़्क़ मिलता है
लगता है कुछ हूँ मै अपने परिवार के लिए
वो समजते हैँ मुझे मुझे एक जरुरी इंसां
होर वो लाड प्यार, वो भी तो मिलता है
होर मिलता है, देर सारी इज़्ज़त.
क्या वो अनमोल नहीं
तो फिर क्यूं ना कहूंगा
की है अच्छी लगती है जिम्मेदारियां.